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अच्छे गुरु की पहचान हो-डीजेन्द्र कुर्रे “कोहिनूर”(achchhe guru ki pahchan ho )

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अच्छे गुरु की पहचान हो


               (1)

बच्चों को देते ज्ञान ,

गुरु होते हैं बड़े महान  ।

जीवन जितना सजता, 

व्यक्तित्व उतना निखरता ।

            (2)

रोज हम स्कूल जाते ,

गुरु हमको पाठ पढ़ाते।

प्रेम से हमे सिखाते ,

ज्ञान अमिट लिखवाते।

          (3)

जाति धर्म को तोड़ो,

शिक्षा से नाता जोड़ो।

सफलता की बीज बो लो,

गुरुजी के चरण धो लो ।

           (4)

आदर्शों की मिसाल हो ,

बच्चों के लिए बेमिसाल हो।

नित नए प्रेरक आयाम हो,

चमकती तलवार की म्यान हो।

           (5)

समस्याओं का निदान हो ,

अथाह ज्ञान की भंडार हो।

मानव जगत की शान हो,

अच्छे गुरु की पहचान हो।

~~~~~~~~~~~~~~

रचनाकार – डीजेन्द्र कुर्रे “कोहिनूर”

मिडिल स्कूल पुरुषोत्तमपुर,बसना

जिला महासमुंद (छ.ग.)

मो. 8120587822

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