अनमोल है बेटियां

अनमोल है बेटियां
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२४/०५/२०१७
चहकती हैं , महकती हैं,  बनके मुनिया।
तेरी खूबसूरती से ,खूबसूरत है दुनिया।
रंगीन कर दे समां को , ये फुलझड़ियां।
अनमोल है बेटियां x 2 …..
चाहे ये समाज , लगा दें जितनी बेड़ियां।
पर आगे बढ़ निकलेंगी,  हमारी बेटियां ।
तू अभिमान है ,  मेरे देश की सम्मान है।
तेरी हंसी से झरती हैं मोती की लड़ियां।
अनमोल है बेटियां …..
बेटी में समझ है , है दया-प्रेम-विश्वास।
बेटी के अपमान से ,है जग का विनाश।
सबको एकता सूत्र में,बाँधकर रखती ये
इनसे जुड़ती हैं  , हर रिश्तों की कड़ियां।
अनमोल है बेटियां……
माता-पिता के खुशी का,तुझे अहसास ।
और हर  कष्टों में ,माता-पिता के साथ ।
धूप लगे तो, बनती छाया जिनके लिये ।
आखिर क्यों ?हो जाती विदाई,बेटियां ।
अनमोल है बेटियां….
(रचयिता :-मनीभाई नवरत्न, छत्तीसगढ़ )
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मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़