अन्नदाता किसान

🌹 अन्नदाता किसान 🌹
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हमर किसान भाई, हमर किसान ,
काम करे जियत भर ले ,जाड़ा चाहे घाम।।
हमर किसान भाई……….

सुत उठ के बड़े बिहनियां!
नांगर धरके जाय,
मंझनी मंझना घाम पियास मा!
खेत ल कमाय।
हमू करब काम संगी ,हमर किसान ,
काम करे जियत भर ले ,जाड़ा चाहे घाम ।।
हमर किसान भाई ….

धान ,गेंहू ,चना, राहेर,
खेत म वोहा बोवत हे।
रखवारी करे बर ,
मेड़ में घलो सोवत हे।।
माटी के बेटा हरे,हमर किसान ,
काम करे जियत भर ले,जाड़ा चाहे घाम ।।
हमर किसान भाई……

हरियर- हरियर खेत ल देख,
मन ओकर हरियाय।
कोठी भर-भर अन्न ल देख,
ओकर अंतस गदगदाय।।
रात- दिन मेहनत करथे ,लेवत राम नाम ,
काम करे जियत भर ले ,जाड़ा चाहे घाम..
हमर किसान भाई………

भूखे लांघन खेत में काम ,
सरग ,भुइँया ल बनाय।
संसार के जम्मो भूख मिटाके,
खुद चटनी बासी ल खाय।।
हमर किसान हरे,हमर भगवान,
रात दिन काम करे,देवे अन्न के दान।।
हमर किसान भाई………

                                   🔹 रचनाकार🔹
                                      महदीप जंघेल
                                      ग्राम-खमतराई
                                  विकासखण्ड-खैरागढ़
                              जिला- राजनादगांव (छ.ग)

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