अल्लाहदीन का चिराग

अल्लाहदीन का चिराग


अल्लाहदीन का वही चिराग
लग   जाए   जो   मेरे   हाथ
इलाज करूंगा  एक मिनट मे
आतंकवाद   हुआ  लाइलाज
भ्रष्टाचार    पे    रोक     होगी
हर   नागरिक  जाएगा   जाग
कन्या भ्रुण  हत्या बंद  होगी
सुनवा    दूंगा    ऐसा    राग
महकेंगी  अमन  की  फसलें
उपजे शान्ति की सब्जी साग
नैतिक   मूल्य  स्थापित  होंगे
पवित्र  होंगे   हंस  और  काग
जाति पांति को खत्म करूंगा
सब     हो     जांएगे   बेलाग
हिंदू-मुस्लिम  न  होगा  कोई
बुझ जाए साम्प्रदायिक आग
यौन   शोषण   नही   होएगा
महक    उठेगा   प्रेम   पराग
सिल्ला   भाषावाद   मिटेगा
व्यवस्थित होगा  हर  विभाग
-विनोद सिल्ला
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