KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

आओ मिल कर योग करें हम(aao milkar yog kare hum)

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*चेतन्य रहे अपना ये तन मन ।*
*आओ मिल कर योग करें हम ।।*

स्वास्थ्य साधना करनी सबको
यह संदेश दिया जाए ।।
सदा हमे रहना है सुखी तो ।
आओ योग किया जाए ।।
योग करोगे दूर रहेंगे,सदा हमारे रोगों का गम ।।

*आओ मिलकर योग करें हम ।।*
जीवन का गर बने नियम ये ।
तो हर इक मन बच्चा हो ।।
योग को हिस्सा बना लो अपना ।
स्वास्थ्य हमेशा अच्छा हो ।।
कभी बीमारी रोग के भय से,किसी की ना हों आंखे नम ।।

*आओ मिलकर योग करें हम ।।*
यह कानून ना बना किसी का ।
ना ही इक ये दिवस मात्र है ।।
हम सबका ही भला है इसमें ।
अपना लो ना ये बुरा साथ है ।।
इतना इसको अपनाओ की,कभी कही ना पाए थम ।।

*चेतन्य रहे अपना ये तन मन ।*
*आओ मिल कर योग करें हम ।।*

*शिवांगी मिश्रा*