*आत्मविश्वास*

स्वरचित कविता:-
■आत्म विश्वास■
मानसिक शक्ति में वृद्धि ला,
सुविचार आत्मविश्वास बढ़ा।
सरल व्यक्ति की धनी बनकर,
मन की चिंता दूर हटा ।

अंत: भावना जीवन मे ला,
जीवन क्षेत्र में हौसला बढ़ा।
प्रगति को शिखर में लाकर,
कठिन कार्य को सक्षम बना।

स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े,
सत्य अहिंसा के अस्त्र बने ।
भारत को स्वतंत्रता दिलाकर,
गांधी जी देश के बापू बने।

समय के साथ बदलाव कर,
अच्छे गुण जीवन में धर ।
विश्वास सफलता की पूंजी,
जीवन का यही असली कुंजी।
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प्रेमचंद साव “प्रेम”
बसना,छत्तीसगढ़
मो.नं. 8720030700
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