उड़ मेरी प्यारी तितली इस फूल से उस फूल(ud meri pyari titli is phool se us phool)

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उड़ मेरी प्यारी तितली इस फूल से उस फूल।
देखो मेरी न्यारी तितली किसी को ना जाना भूल ।
वरना टूट जाएगा कोई फूल मुरझा के।
सब को खुश रखना यूं ही मुस्कुरा के।
जो भी आए सामने करना उसे कबूल ।
देखो मेरी प्यारी तितली किसी को ना जाना भूल।
सबको होती तुम्हारी चाहत
सबके लिए हो तुम एक जरूरत ।
ध्यान से अपना पंखा चलाना चुभे ना कोई शूल।
देखो मेरी न्यारी तितली किसी को न जाना भूल।
उड़ उड़ कर बागों  की तुम रखवाली करना।
फूलों की देखभाल कर तुम  माली बनना ।
अपने रंगों के साथ फूलों के रंगों में घुल।
देखो मेरी न्यारी तितली किसी को न जाना भूल
मनीभाई ‘नवरत्न’, छत्तीसगढ़, 
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मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़