KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

एक दीया

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*एक दीया*
तिमिर का दोष मिट गया
विश्वास का दीप जलाए हम
नव आशा का संचार हुआ
यह जंग विजित कर जाएं हम

एक युग पुरुष के आवाहन पर
पूरा देश जगमगा उठा
अखण्ड एकता का प्रतीक बन
हर आँगन में दीप झिलमिला उठा

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अब कैसी भी आँधी आये
आश दीप ना बुझने पाए
अंधकार का सर्वनाश हो
नवप्रकाश की किरणें छाए

——–
विजिया गुप्ता ” समिधा”
दुर्ग-छत्तीसगढ़