एक सवाल है

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*एक सवाल है*
ये जीवन शतरंज की चाल है।
जनाब!आपके क्या ख्याल है?
जान परखकर आगे बढ़ना ।
गिर-गिर के, जरा  संभलना।
भूल-भुलैया ख्वाबों का ठौर
ख्वाह चुरा ना ले कोई  और
यहां पग-पग में बिछी जाल है।
हर कदम बना , एक सवाल है
अजनबियों से रिश्ते बनते हैं ।
दो कदम चलके बिखरते हैं ।
ये रिश्ते महज होते हैं भ्रांति।
लूट लेते हैं,  मन की शांति।
रिश्तों की ज़िन्दगी कमाल है।
ये रिश्ते नाते , एक सवाल है ।
पल पल में  मिलता है मौका ।
ये मौका ,हो सकता है धोखा ।
जब भी इन्हें पाना, तू बेखबर ।
हो जाना चौकन्ना , हर डगर ।
मौका पाने को ही,मचे बवाल है।
हर मौके में तो, एक सवाल है ।।
✒️ *मनीभाई’नवरत्न’ छत्तीसगढ़*

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