और न जाने कितने वाद? (aur na jane kitne vaad?)

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जब भी जाने को होता दफ्तर ।
मन में यही रहता डर।
शायद लौट सकूँ अपने घर ।
पहले ये बात सिपाही ही समझता ,
जाता जब सीमा पर।
अब मैं भी समझता हूँ -” एक आम इंसान ।”
सीमा के अंदर रहते हुए भी ।
वाकई आसान नहीं है जीना ।
आतंकवाद ,नक्सलवाद,माओवाद
और न जाने कितने वाद ?
क्या हम आज भी आजाद हैं ?
बिखरकर रह जाता हूँ मैं
यही सोचते हुए ।
टुट जाता है सब्र पर टिकाई गई बाँध ।
बिलखती और बिछुड़ती जिन्दगी
हम देख चुके, सुन चुके
भूल चुके कि धरा वही, समाज वही ।
क्या कल हमारी बारी है ?
“हम रहे , ना रहे ” किसे है परवाह ?
जवान को,विज्ञान को या भगवान को।
मैं तो यही समझूँ कि
जिसने बोया है वही काटेगा ।
तभी तो मेरी नज़र सत्ताधारियों पर केंद्रित है ।
मनीभाई ‘नवरत्न’, छत्तीसगढ़
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मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़