करवा मइया-दुर्गेश मेघवाल(karwa maiya)

         करवा मइया
             

मइया करवा मइया ,मइया करवा मइया ।
करवा मइया तेरी मेहरबानी रहे ,
मेरे सजना की जीवन रवानी रहे ।

सात फेरों के थे जो वचन वो ,
मिलके निभते रहे, तेरी जय हो ।
मांग सिंदूर भरे,जीवन संग-संग चले ।
मेरी धड़कन उन्हीं की दीवानी रहे ।
दीवानी रहे…मइया करवा मइया
करवा मइया तेरी मेहरबानी रहे ,
मेरे सजना की जीवन रवानी रहे ।

मेरी सुनले तू अब मोरी मइया ,
मेरे जीवन की तू ही खेवइया।
जीवन ये भी रहे ,भले फिर से मिले ।
मेरी सजना के  संग ही कहानी रहे ।
कहानी रहे…मइया करवा मइया
करवा मइया तेरी मेहरबानी रहे ,
मेरे सजना की जीवन रवानी रहे ।

माह कातिक का जब-जब भी आये,
करके पूजन तुझे हम मनाएं ,
सजना संग-संग रहे ,हर सुहागन कहे ।
मरते दम तक वो राजा की रानी रहे ।
वो रानी रहे…..मइया करवा मइया
करवा मइया तेरी मेहरबानी रहे ,

मेरे सजना की जीवन रवानी रहे ।
मइया करवा मइया ,मइया करवा मइया ।

✍दुर्गेश मेघवाल

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