कलम से, कलम से (kalam se,kalam se)

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कल तक जो मर गया था
आज जी उठा हूं फिर से
कलम से, कलम से।
गुमराह हो गई युवाशक्ति
विचलित भी ये नहीं होती
जैसे ठंडी बर्फ सी।
इसे पिघला दूंगा,
कलम से, कलम से।
पढ़े-लिखों की अनपढ़ जिंदगी
संभाले हुए हैं रंग भेद जाति
मानवता भी शर्मशार सी।
इन्हें मानव बनाऊंगा,
कलम से , कलम से।
उजड़ रही है स्वर्ग से सुन्दर धरा।
विस्फोटकों से सरहद का पहरा।
टेढ़ी नजरों से देखें पड़ोसी।
मैं प्रीत जगाऊंगा।
कलम से , कलम से।
✒️ मनीभाई”नवरत्न”,बसना, महासमुंद,छग
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मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़