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कविताओं के ज़रिए-नरेन्द्र कुमार कुलमित्र

कविता की सार्थकता बयान करती कविता

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कविताओं के ज़रिए-नरेन्द्र कुमार कुलमित्र

दुनियाँ में चिड़िया रहे या न रहे
कविताओं में हमेशा सुरक्षित बची रहेंगी चिड़ियाँ
पर केवल कविता प्रेमी ही सुन सकेंगे चिड़ियों के गान
कविताओं के ज़रिए

दुनियाँ में प्रेम रहे या न रहे
कविताओं में हमेशा सुरक्षित बचा रहेगा प्रेम
पर केवल कविता प्रेमी ही समझ सकेंगे प्रेम का मर्म
कविताओं के ज़रिए

दुनियाँ में उजास रहे या न रहे
कविताओं में हमेशा सुरक्षित बचा रहेगा उजास
पर केवल कविता प्रेमी ही जी सकेंगे उजास भरी जिंदगी
कविताओं के ज़रिए

दुनियाँ में सच रहे या न रहे
कविताओं में हमेशा सुरक्षित बचा रहेगा सच
पर केवल कविता प्रेमी ही सच को अनावृत कर सकेंगे
कविताओं के ज़रिए

दुनियाँ में क्रांति रहे या न रहे
कविताओं में हमेशा सुरक्षित बची रहेगी क्रांति
पर केवल कविता प्रेमी ही फिर से ला पाएंगे क्रांति
कविताओं के ज़रिए

चिड़ियों का कलरव
मनुष्यों के लिए प्रेम
जीने के लिए उजास
बोलने के लिए सच
और
विरोध के लिए क्रांति
कविताओं में सुरक्षित बची रहेगी हमेशा।

— नरेन्द्र कुमार कुलमित्र
9755852479

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