KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

कैसे जन्म लेती है कविता- यह बता रहे हैं नरेन्द्र कुमार कुलमित्र अपने कविता में (kaise janm leti hai kavita)

जन्म लेती है कविता- 
————-–——————–
सूरज-सा चिरती निगाहें
संवेदनाओं से भरी दूरदर्शी निगाहें
अहर्निश हर पल
घूमती रहती है चारों ओर
दृश्यमान जगत के
दृश्य-भाव अनेक
सुंदर-कुरूप,अच्छे-बुरे,
अमीरी-गरीबी, और भी रंग सारे
भावों की आत्मा
शब्दों की देह धरकर
जन्म लेती है कविता।
नरेन्द्र कुमार कुलमित्र
     9755852479