KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

क्योंकि सत्य ही ईश्वर है (kyuki satya hi ishwar hai)

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जैसा करोगे वैसा सोचोगे ।
जैसा बोलोगे वैसा सुनोगे।
जैसा करोगे वैसे ही बन जाओगे।
सच को देखो 
सच को बोलो 
सच को करो ।
क्योंकि सत्य ही ईश्वर है ।
सबसे बड़ा कोई नहीं सच की कर लो पूजा।
सच है तो दुनिया है सच के समान नहीं दूजा।
लेकिन सच को तूने छोड़ दिया।
झूठ से नाता जोड़ लिया ।
आखिर क्यों जरा मन में टटोलो ।
क्योंकि खुद पर ही तेरी नजर है।
झूठ से तेरा कई दिन बीता ।
फिर भी तू ना जीता ।
सच का दो घड़ी साथ दे दे तू,
जान जाएगा सच क्या है देता?
सच और झूठ की भेद को जानो,
मानोगे कि सच ही हमसफ़र है।
सच को देखो….
 मनीभाई ‘नवरत्न’,छत्तीसगढ़

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