क्योंकि सत्य ही ईश्वर है (kyuki satya hi ishwar hai)

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जैसा करोगे वैसा सोचोगे ।
जैसा बोलोगे वैसा सुनोगे।
जैसा करोगे वैसे ही बन जाओगे।
सच को देखो 
सच को बोलो 
सच को करो ।
क्योंकि सत्य ही ईश्वर है ।
सबसे बड़ा कोई नहीं सच की कर लो पूजा।
सच है तो दुनिया है सच के समान नहीं दूजा।
लेकिन सच को तूने छोड़ दिया।
झूठ से नाता जोड़ लिया ।
आखिर क्यों जरा मन में टटोलो ।
क्योंकि खुद पर ही तेरी नजर है।
झूठ से तेरा कई दिन बीता ।
फिर भी तू ना जीता ।
सच का दो घड़ी साथ दे दे तू,
जान जाएगा सच क्या है देता?
सच और झूठ की भेद को जानो,
मानोगे कि सच ही हमसफ़र है।
सच को देखो….
 मनीभाई ‘नवरत्न’,छत्तीसगढ़
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मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़