गांधी जी को प्रणाम

गांधी जी को प्रणाम

वर्ष 1600 में ईस्ट इन्डिया कम्पनी
जब भारत आया।
साथ अपने, विदेशी ताकत भी लाया।।

फूट डालो शासन करो नीति अपनाया।
राजा महाराजाओं को,आपस में खूब लड़ाया।।
धन दौलत माल खजाना,भारत का।
लूट -लूटकर अपने वतन भिजवाया।।

गरीबी,भुखमरी,और बेरोजगारी देश में बढ़ता गया।
गरीब मजदूर मरता गया।।
दिनो-दिनअंग्रेजो का ,अत्याचार बढ़ता गया।
हिंसाऔर शोषण रूपी तपन चढ़ता गया।।

तब 2 अक्टूबर सन 1869 पोरबंदर में,
आई एक आंधी।
जन्म लिया एक महापुरुष ने,
नाम था मोहनदास गांधी।।

अंग्रेजो के घर से ही ,कानून पढ़कर आया।
अहिंसा ,और सत्यता की, धर्मनीति अपनाया।।
देशभक्ति की ज्योति ,सबके मन में जलाया।।
अंग्रेजो से लोहा लेकर, देश से उन्हें भगाया।।

स्वच्छता का संदेश दिया ,
बहन बेटियों का किया सम्मान।।
युगपुरुष कहलाये वो,जिनको मिला महात्मा नाम।।
ऐसे राष्ट्रपिता श्री महात्मा गांधी जी को
मेरा शत शत प्रणाम।
मेरा शत शत प्रणाम।

🙏 रचनाकार 🙏
महदीप जंघेल
ग्राम-खमतराई
विकासखण्ड-खैरागढ़
जिला-राजनांदगांव

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