चलो हिंदी को दिलाएं उसका सम्मान(CHALO HINDI KO DILAYE USKA SAMMAN)

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#HINDI DIWAS
मां भारती के माथे में ,जो सजती है बिंदी।
वो ना हिमाद्रि की श्वेत रश्मियां ,
ना हिंद सिन्धु की लहरें ,
ना विंध्य के सघन वन,
ना उत्तर का मैदान।
है वो अनायास, मुख से विवरित हिन्दी।
जननी को समर्पित प्रथम शब्द ‘मां’ की ।
सरल ,सहज ,सुबोध ,मिश्री घुलित हर वर्ण में ।
सुग्राह्य, सुपाच्य हिंदी मधु घोले श्रोता कर्ण में ।
हमारा स्वाभिमान ,भारत की शान ।
सूर तुलसी कबीर खुसरो की जुबान।
मिली जिससे स्वतंत्रता की महक।
राष्ट्रभाषा का दर्जा दूर अब तलक ।
चलो हिंदी को दिलाएं उसका सम्मान।
मानक हिंदी सीखें , चलायें अभियान।।

 मनीभाई ‘नवरत्न’, छत्तीसगढ़
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मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़