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जब जिंदगी की हो जाएगी छुट्टी- मनीभाई नवरत्न

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जब जिंदगी की हो जाएगी छुट्टी

जब जिंदगी की हो जाएगी छुट्टी ।

तब तू नहीं मैं नहीं रह जाएगी मिट्टी।

manibhainavratna
manibhai navratna

प्यार की फैली है खुशबू इस जहां में ।
कल बदल जाएगी क्या रखा है इस समां में ।
जाना होगा तुझे सब छोड़कर
भेज दे वह जब बुलावे की चिट्ठी ।

अपने करीब के माहौल को फिर से सजा लो।
कल क्या होगा किसने जाना आओ मजा लो ।
ढूंढे है तूने सुख चैन क्या वे मिलेंगे तुझे कभी।
जिंदगी की जब हो जाएगी छुट्टी

🖋मनीभाई नवरत्न

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