जय हिंद जय भारत

*जय हिंद जय भारत*
माँ का आँचल
रक्त रंजित है
आतंक के औजारों से
धुल जाए
लहू का कतरा कतरा
हमें वो मरहम बनना है
देश के खातिर
मिट जाए हम
वही तीर
बस तरकश में
गूँज उठे
पैगाम अमन का
ऐसी प्राचीर बनना है
जय हिंद जय भारत
जन जन का ये गान हो
वंदे मातरम वीर शहीदों
तुम भारत की शान हो
अहले वतन
अब आपस में
उलझनें का वक्त नहीं
दो कदम तुम
दो कदम हम
बढ़ाये अब
मिलाकर हाथ
वतन की सुरक्षा में
लगायें हम !
अनिता मंदिलवार सपना
अंबिकापुर सरगुजा छतीसगढ़
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