KAVITA BAHAR
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जय हो मोर छत्तीसगढ़ महतारी

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जय हो मोर छत्तीसगढ़ महतारी
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विधा- छत्तीसगढ़ी गीत

जय हो जय हो ,महामाई
मोर छत्तीसगढ़ दाई।
माथ नवांवव ,पांव पखारौं ,
तैं हमर महतारी।
जय हो जय हो महामाई…

तोर भुइँया ले मइया,
अन्न उपजत हे।
तोर अन्नपानी ले हमर,
जिनगी चलत हे।
हाथ जोर के ,पइंया लांगव
अशीष देदे दाई।।
जय हो, जय हो महामाई….

मैनपाट हवय तोर,
मउर मुकुट हे,
इंद्रावती तोर ,
चरण धोवत हे।
हाथ जोर के विनती करन,
शरण आवन दाई।।
जय हो, जय हो महामाई…

महानदी के इंहा ,
धार बोहत हे।
जम्मो छत्तीसगढ़िया मन,
तोला सुमरत हे।
किरपा करइया ,दुःख हरइया,
होगे जीवन सुखदाई ।।

जय हो ,जय हो महामाई,
मोर छत्तीसगढ़ दाई।।

🌻रचनाकार🌻
महदीप जंघेल
ग्राम-खमतराई
विकासखण्ड-खैरागढ़
जिला-राजनांदगांव(छ.ग)

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