KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

अब तू ये जान ले

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जीवन डोरी थाम ले,
थोड़ी घूम घाम ले ।
आराम पाना हो तो
तन से अपने काम ले.
आएगा ना ये पल ,
अब तू ये जान ले ।

तू ना रुका कर राह में ,
कभी ना झुक निगाह में ।
संतों की नीति अपना तू
बरकत जिनकी सलाह में ।
मुट्ठी में है तेरी किस्मत ,
अब तू ये जान ले ।

वो जो दिखा रहा ,
सब कुछ है दिखावा।
तेरी काबिलियत को,
समझ ना कोई छलावा ।
तेरा रंग है सबसे गहरा,
अब तू ये जान ले।

धीमी तेरी रफ्तार है,
नजरें तेरी उस पार है
धीरे धीरे ही बढ़ आगे ।
देर से ही नसीब जागे।
दिशा ही सच्ची सफलता
अब तू ये जान ले।

जी भर जी ले तू
पछताना ना पड़े ।
अगली बार के लिए
तुझे आना ना पड़े।
एक जीवन एक मौका
अब तू ये जान ले।

मनीभाई नवरत्न

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