तिरंगे की शान

कविता का शीर्षक- 
“तिरंगे की शान”

सिर्फ तिरंगा फहराने से,
बढ़ेगी कैसे हमारी शान।
जिन्होंने दी है कुर्बानियाँ,
उनका करें सदा सम्मान।।
फले-फूले परिवार उनके,
जो देश के लिए कुर्बान।
पूरा समाज शिक्षित बने,
सबके हों पूरे अरमान।।
प्रगति पथ पर बढ़ते रहें,
पूरी दुनिया में पहचान।
विज्ञान फलित होता रहे,
मिले ज्ञान को सम्मान।।
हक बराबर सबको मिले,
सबके लिए ये संविधान।
ना जाति ना वर्गभेद रहे,
हो अधिकार एक समान।।
मधुसिंघी
कवयित्री- मधु राजेंद्र सिंघी
मोबाइल नंबर—-
+919422101963
पता—-
मधु राजेंद्र सिंघी
206,हिमालय पेराडाइस, जी.पी. ओ.चौक,सिविल लाइंस, नागपुर-440001(महाराष्ट्र)
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