KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

तेज रफ्तार में है ,यह सफर (tez raftaar me hai yah safar)

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

#poetryinhindi,#hindikavita, #hindipoem, #kavitabahar #manibhainavratna
ना कोई परवाह ना कोई डर ।
तेज रफ्तार में है ,यह सफर ।
जिंदगी का यह मस्ती है ।
बनती है अब हर खुशी ।
यहां हर पल सुबह हर पल में शाम है ।
यहां पल पल में काम ,चैन और आराम है ।
करते हैं जो मन चाहे वही अपना ले ।
कुछ पल ले मजा और खुद को दफना ले ।
अब यही मंजिल और यही अपना घर ।।
एक पल के लिए भी हमको फुर्सत नहीं ।
कहीं पर रुक जाना हमारी कुदरत नहीं ।
फिर भी इंतजार रहता है क्या याद ना आता है ?
कब से पलक बिछाएं मां की नजर ।।
क्या ऐसा होता है ?तेरे लिए जीना।
खाना तो कम होता ज्यादा होता पीना ।
हालत तेरी होता पस्त है ।
आदत तेरी बड़ी सख्त  है ।
क्या करें जवानी कमबख्त है ।
ना रखें किसी की खबर।।।
 मनीभाई ‘नवरत्न’, छत्तीसगढ़