KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

दुख दर्द सभी के हर लें वो माता शेरावाली(dukh dard sabhi ke har le o mata Sherawali)

दुख दर्द सभी के हर लें वो माता शेरावाली,
झोली सबकी तु भर दे वो माता मेहरावाली,
नौ दिन का ये त्योहार लगे बडा ही प्यारा,
तुमसे सबकी मैया नाता बडा ही न्यारा,
प्रेम सुधा बरसा दे तु लाल चुनरियाँ वाली,
दुख दर्द सभी—————–
बडी निराली मैइया दुख सबके हर लेती है,
पार लगा दे नैया सबकी झोली भर देती है,
जय जय हो तेरी मैया तु खप्पर धारनेवाली,
दुख दर्द सभी—————
जग की जननी माता ,माने तु सबको समान ,
रखती है मैया तु अपने भक्तों का ध्यान ,
धारा प्रीत की तुझमे बड़ी ही ममता वाली,
दुख दर्द सभी के ——–
   
बचे हैं पापी जो भी धरती का बोझ बढ़ाने,
अन्याय बढाके मैया न्याय का शीश झुकाने,
रूप कुपित दिखला दे मुंडमाला धरने वाली ,
दुख दर्द सभी के———
   जागृति मिश्रा *रानी*