देश मेरे … तू है सबसे पहले (desh mere … tu hai sabse pahle)

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यहां सब करते काम खुद के लिए ।
लड़ते रहते हैं अपने वजूद के लिए ।
पर मेरा हर करम हो देश के लिए ।
देश मेरे देश मेरे तू है सबसे पहले ।
मैं तुझ पर मर जाऊं मैं तुझ पर मिट जाऊं।
पर कभी ना अपना सर झुकाऊं ।
नेक राह को ही सदा अपनाऊं।
कुछ भी नहीं मंजूर अब तेरे बदले ।
देश मेरे देश मेरे तू है सबसे पहले ।
तू है अपनी जननी तू ही धरा और अंबर ।
रहे तुझसे नाता अटूट और सुंदर।
यश फैलाएं तेरी अब हम आगे बढ़ कर ।
चाहे हर कोई पीछे रहले ।
देश मेरे देश मेरे तू है सबसे पहले।।
-मनीभाई ‘नवरत्न’
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मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़