धरती हमारी माँ

धरती हमारी माँ

हमको दुलारती है 
                धरती हमारी माँ।
               आँचल पसारती है
               धरती हमारी माँ।
 
बचपन मे  मिट्टी खायी 
              फिर  हम  बड़े हुए।
जब पाँव इसने थामा
                तब हम खड़े हुए।
ममता ही वारती है
                धरती हमारी माँ।
हमको दुलारती है
                धरती हमारी माँ।
 
तितली के पीछे भागे
                 कलियाँ चुने भी हम।
गोदी में इसकी खेले,
                     दौड़े,गिरे भी हम।
भूलें सुधारती है
                     धरती हमारी माँ।
हमको दुलारती है
                     धरती हमारी माँ।
 
अन्न धन इसी से पाकर
                   जीते हैं हम सभी।
पावन हैं इसकी नदियाँ
                  पीते हैं जल  सभी।
जीवन संवारती है
                     धरती हमारी माँ।
हमको दुलारती है
                     धरती हमारी माँ।
 
धरती का ऋण है हम पर
                   आओ चुकाएं हम।
फैलायें ना प्रदूषण
                      पौधे लगायें हम।
सुनलो पुकारती है 
                     धरती हमारी माँ।
हमको दुलारती है
                     धरती हमारी माँ।
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नाम:—सुश्री गीता उपाध्याय
पता:—रायगढ़ (छ.ग.)
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गीता उपाध्याय

कवयित्री सुश्री गीता उपाध्याय पिता:-स्व.श्रीगणेशराम उपाध्याय माता:-श्रीमती कुसुम मंजरी उपाध्याय कार्यक्षेत्र:-शासकीय प्राथमिक शाला में प्रधान पाठिका पद पर कार्यरत। साहित्य यात्रा:-किशोरावस्था से मुक्त छंद विधा पर कविता, भक्तिगीत ,देशभक्तिगीत आदि लेखन,स्थानीय पत्र पत्रिकाओं में व वार्षिक अंको में यदा-कदा प्रकाशित विभागीय पत्रिकाओं में प्रकाशित, आकाशवाणी अम्बिकापुर व रायगढ़ केंद्रों से भी पूर्व में रचना प्रसारित ।वर्तमान में विभिन्न छन्द विधाआधारित लेखन एवं मुक्क्त छन्दपद्य लेखन कार्य निरंतर जारी है। प्रकाशित पुस्तक:- 118 स्वरचित भक्तिगीतों रचनाओं का संग्रह"*भक्ति गीतांजलि* विगत वर्ष 2018 में प्रकाशित। लेखन आज पर्यंत जारी है। सम्मान:-विभिन्न संस्थाओं द्वारा 5 बार उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान एवं अनेक साहित्यिक मंचों द्वारा विभिन्न सम्मान प्राप्त। पता:- सुश्री गीता उपाध्याय श्री गणेश कुसुम कुंज शंकर नगर धांगरदीपा ,रायगढ़(छ.ग.) वार्ड क्र.2 पिन कोड न.:-496001 मोबाईल न.:-9098075944