KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

परिभाषा सीखें प्रेम त्याग जिम्मेदारी की (GHARELU MAHILA KE LIYE KAVITA)

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सुबह जल्दी उठती है
इसी बहाने कि
मुझे आराम मिले
और आराम मिलती है
हमेशा की तरह रात को
सुबह का नाश्ता
दोपहर का लंच से
होते हुए रात का डिनर
अपना ख्याल ,
बेबी की परवरिश से लेकर
परिवार वालों का फिक्र ।
कौन सी चीजें कहां है
किसको कब करना है
किसको क्या कहना है
सब है पता लेकिन कहती नहीं
ना जाने क्यों रखती है बोझ
अपने दिल पर ।
अपनी जिंदगी को सिमटा दी है
किचन में बेडरुम में और घर में
कुछ मांगे हैं उनकी पर
प्यार के आगे सब फीके ।
हम भी इनसे प्रेम त्याग
जिम्मेदारी की परिभाषा सीखें।
 मनीभाई ‘नवरत्न’, छत्तीसगढ़