KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

पर्यावरण दिवस पर रूचि के दोहे (Ruchi’s dohe based on environmental issues)

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आओ ले संकल्प ये,सभी लगाये पेड़।
पर्यावरणी हरितिमा,छाँव रहे हर मेड़।।
अंधाधुन पेड़ कट रहे,जंगल हुआ वीरान।
पर्यावरणी कोप से, हो तुम क्यों अंजान।।
आक्सीजन कम हो चला, संकट में है जीव।
दिन दिन निर्बल हो रही,पर्यावरणी नींव।।
जल जीवन की मूल है,इसे करे मिल साफ।
करे नहीं पर्यावरण,कभी मनुज को माफ।।
बचाइए पर्यावरण,यही हमारी जान।
हरी भरी जब हो धरा,यही हमारी शान।।
✍ सुकमोती चौहान रुचि
बिछिया,महासमुन्द,छ.ग.
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