KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

बिटिया

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

चोका : बिटिया
¤¤¤¤¤¤¤¤¤¤
  ☆☆☆

कैसे उड़ेगी
पंख हीन चिड़िया
ओ री बिटिया !
ओ भाव की पिटारी
प्यारी बिटिया !
कब तक सहेगी
चुप रहेगी
आँगन की तुलसी
रोगों की दवा
रहेगी कब तक
मुरझाई सी
अपनी इच्छाओं की
घोंटती क्यों तू गला ?

□ प्रदीप कुमार दाश “दीपक”
     Mob. 7828104111