भारत प्यारा

गणतंत्र दिवस विशेषांक हेतु रचना
           (भारत प्यारा)
मिलकर आओ जग में हम सब,
                    भारत को श्रेष्ठ बनाते हैं।….
माँ भारती के सब भारतवासी ,
                     सदा सदा गुण गाते हैं।।
जब आजादी की अलख जगी,
                   वीरों ने प्राण गवाये थे।
यह मातृभूमि की रक्षा को,
                  वे बलिदानी कहलाये थे।।
पावन गणतंत्र यह अपना,
                 कर्तव्यों को भी निभाते हैं।…….
भारत को श्रेष्ठ बनाते हैं…भारत को श्रेष्ठ बनाते हैं ….
मिलकर आओ जग में हम सब,
                    भारत को श्रेष्ठ बनाते हैं।…
शीश हिमालय मुकुट बना,
                सागर भी पाँव पखारे हैं।
कश्मीर से कन्याकुमारी तक,
               सुशोभित प्रांत ये प्यारे हैं।।
यह सर्व धर्म का राष्ट्र सदा,
               हम पुष्प सभी एक उपवन में।
यहाँ एकता का दीप जले,
              सदा हम सब के ही तन मन में।।
हम अपने राष्ट्र की रक्षा को,
             अब एकता जग को दिखाते हैं।…
भारत को श्रेष्ठ बनाते हैं…भारत को श्रेष्ठ बनाते हैं ….
मिलकर आओ जग में हम सब,
                    भारत को श्रेष्ठ बनाते हैं।
सजी सुंदर धरा खलिहानों से,
               पावन सरिता की धारा है।
परंपराओं का नित नित संगम,
               सभ्यता को भी सवाँरा है।।
मातृभूमि की सेवा हम करते,
               सदा तिरंगे का मान बढ़े।
रक्षा भारत भूमि की होवे तब,
             जन जन का सम्मान बढ़े।।
मातृभूमि की चरण धूलि हम,
            सदा ही शीश लगाते हैं।
भारत को श्रेष्ठ बनाते हैं…भारत को श्रेष्ठ बनाते हैं ….
मिलकर आओ जग में हम सब,
                    भारत को श्रेष्ठ बनाते हैं।…
                    ………..भुवन बिष्ट
                   रानीखेत जिला -अल्मोड़ा, (उत्तराखंड)
                  मो=08650732824
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