ममतामयी माँ(mamtamayi maa)

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ममतामयी माँ
(कविता)
लाई दुनिया में पीड़ा सहकर।
बचपन बीता माँ-माँ कहकर।
स्वर्गानंद लिया गोद में रहकर।
आशीष रहा उनका मुझ पर।
एक शख्स में सारी सृष्टि समाई।
वो  माँ, जो ममतामयी कहलाई।
सुबह प्यार से वो,  हमें जगाती ।
भूख से पहले  खाना खिलाती ।
सही राह में चलना सिखलाती ।
हर बुराई  से, लड़ना बतलाती।
रिश्ते-नाते को जो निस्वार्थ निभाई ।
वो  माँ, जो ममतामयी कहलाई।
उसे मेरे पसंद का रहता ख्याल।
मैं खुशनसीब हूँ, जो माँ का लाल।
खुद से ज्यादा करें मेरी देखभाल।
माँ!  तू पूजनीय रहे चिरकाल।
चारदीवारी को, जो घर बनाई।
वो  माँ, जो ममतामयी कहलाई।

️मनीभाई “नवरत्न”
भौंरादादर, बसना, महासमुंद(छ.ग.)

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मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़