KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

Register/पंजीयन करें

Login/लॉग इन करें

User Profile/प्रोफाइल देखें

Join Competition/प्रतियोगिता में हिस्सा लें

Publish Your Poems/रचना प्रकाशित करें

User Profile

मां अमृता की कुर्बानी-अरुणा डोगरा शर्मा(MAA AMRITA KI KURBANI)

0 131
 याद करो वो कहानी, 
मां अमृता की कुर्बानी ,
काला था वो मंगल ,
रोया घना जंगल । 
खेजराली हरियाली, 
पर्यावरण निराली, 
सुंदर वृक्षों का घर ,
 रेतीली धरा पर।
 वारी हूं मैं बलिहारी, 
हार गए अहंकारी ,
प्राण आहूति देकर ,
शिक्षा दी है  न्यारी।। ।। 

अरुणा डोगरा शर्मा

यह घनाक्षरी माता अमृता देवी जी की याद में लिख रही हूं जिनका बलिदान हमें पर्यावरण को बचाने के लिए सबसे बड़ी शिक्षा है । 
You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.