माउंट एवरेस्ट विजय(mount everest vijay)

#poetryinhindi,#hindikavita, #hindipoem, #kavitabahar #manibhainavratna #mount everest victory
माना तू विश्व की ऊँची चोटी है
नहीं आसान तुझे जीत पाना ।
जब भी,
तुझे,
किसी ने,
चढ़कर हराना चाहा,
अपने दंभ से।
तब तूने गुरूर तोड़े उनके ,
बर्फीली आँधी,
और, खाईयों से।
ना जाने कितने ही लाश,
दफना दिया अपने गोद में ।
पर ये जिद्दी मानव,
कब मानता है अपनी हार,
विजय-पताका लहराने को
जूझता है तुझसे बार-बार ।।
थे ऐसे ही, दो जांबाज ,
दिखाये जिसने जमाने को,
साहस,धैर्य और विश्वास गाथा।
और जोड़ दिये अपने नाम
हिमशिखरों से वर्षों का नाता।
आसान नहीं था
तेनजिंग और एडमंड का सफर।
एक दूजे का हाथ थामे
हर बाधायें पार की,
मगर,
बता दिया जग को,
कुछ भी नहीं नामुमकिन ।
मौत को मात देगा तू
जब हो मन में यकीन ।
जीवन में उनके ज़ज्बा को
याद करो पल छिन ।
29 मई है खास ,
माउंट एवरेस्ट विजय दिन।।
(रचयिता :- मनी भाई भौंरादादर बसना )
(Visited 2 times, 1 visits today)

मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़