मुझे अपनी शरण लेना-बाबू लाल शर्मा, बौहरा(MUJHE APNI SHARAN MEN LENA)

 *विधाता छंद*
१२२२  १२२२, १२२२  १२२२

*प्रार्थना*

प्रभो संसार की बाधा,
भले मुझको सभी देना।
रखो ऐसी कृपा ईश्वर, 
मुझे अपनी शरण लेना।
.       ✨✨✨
सुखों की होड़ में दौड़ूँ,
नहीं मन्शा रखी मैने।
उड़े आकाश में ऐसे, 
नहीं चाहे कभी डैने।
.        ✨✨✨
नहीं है मोक्ष का दावा,
 विदाई स्वर्ग तैयारी।
महामानव नहीं बनना,
 कन्हैया लाल की यारी।
.       ✨✨✨
रखूँ मैं याद मानवता,
 समाजी सोच हो मेरी।
रचूँ मैं छंद मानुष हित,
 करूँ अर्पण शरण तेरी।
.     ✨✨✨
करूँ मैं देश सेवा में,
समर्पण यह बदन अपना।
प्रभो अरमान इतना सा, 
करो पूरा यही सपना।
.     ✨✨✨
यही है प्रार्थना मेरी,
सुनो अर्जी प्रभो मेरी।
नहीं विश्वास दूजे पर, 
रही आशा सदा तेरी। 
✍©

बाबू लाल शर्मा, बौहरा
सिकंदरा, 303326
दौसा,राजस्थान,9782924479

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