KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

मुड़ दर रोवए किसान

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

मुड़ धर रोवए किसान
————————

देख तोर किसान के हाल
का होगे भगवान !
कि मुड़ धर रोवए किसान,
ये का दुख दे भगवान !!

पर के जिनगी बड़ सवारें,
अपन नई थोरको फिकर जी !
बजर दुख उठाये तन म,
लोहा बरोबर जिगर जी !!
पंगपंगावत बेरा उठ जाथे ,
तभे होथे सोनहा बिहान !
कि मुड़ धर रोवए किसान !!

झुमत -गावत ओनहारी -सियारी ,
देखे मन म खुश रहे किसान !
सथरा नंगालीस पानी बईरी,
देके कईसे लेेेगे भगवान !!
ठेंगवा देखादेस दुलरवा बेटा ल,
होगे अब मरे बिहान !
कि मुड़ धर रोवए किसान !!

पानी बिना धान झुरागे ,
पनिहा अंकाल चना म आगे !
करजा बोड़ी म बोए चना ,
देखते देखत पानी म रखियागे !!
सपना उजड़गे दूजराम के ,
माढ़े रहिगे सबो गियान !
कि मुड़ धर रोवए किसान !!

दूजराम साहू
निवास- भरदाकला
तहसील- खैरागढ़
जिला -राजनांदगाँव (छ ग)

Leave A Reply

Your email address will not be published.