मेरा दायित्व

मेरा दायित्व
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सोचता हूं
देश और समाज के लिए
बिना किसी विवाद के
अपना कर्त्तव्य निभाऊं
जिसका खाया और पिया है
उसका ऋण चुकाऊं
पर पग पग पर
बाधाओं की बनी हुई है श्रृंखला
अपनों के बीच ही
छल कपट का जोर चला
मेरे बिंदास अंदाज की
बखिया उधेड़ते लोग
मेरी देशभक्ति का मज़ाक उड़ाते हैं
मैं सहम कर रह जाता हूं
क्या है मेरा दायित्व
मेरे देश के लिए
समाज के लिए
धर्म और जाति के आधार पर
बिखरे हुए लोग
जिनके मन में
रोप दी गई है कटुता बैर वैमनस्यता
जिन्हें न भूतकाल की जानकारी है
न ही आगत भविष्य का पता
केवल सत्ता सुख के लिए
भड़काया जा रहा है
आपस में लड़ने के लिए
इतिहास को तोड़ मरोडकर
देश के साथ गद्दारी कर
ये अवांछित तत्व
क्या गढ़ना चाहते हैं?
बिना कुछ किए
चीन अमरीका जापान से
आगे बढ़ना चाहते हैं?
मैं जन्मजात श्रेष्ठता के विरूद्ध हूं
मैं मानव धर्म का हिमायती हूं
मैं कहां गलत हूं?
अपने किरदार को लेकर गम्भीर हो
अपना दायित्व निभाना
क्या अच्छी बात नहीं है?
एक नए युग में प्रवेश करने के लिए
सुन्दर शुरुआत नहीं है??
पद्म मुख पंडा
ग्राम महा पल्ली
जिला रायगढ़ छ ग
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