मेरा देश मेरा मान

.          *दोहा छंद* 
.       *मेरा देश मेरा मान* 
अपना भारत अमर हो,अमर तिरंगा मान।
संविधान की भावना, राष्ट्र  गान  सम्मान।।
सैनिक भारत देश के, साहस रखे अकूत।
कहते हम जाँबाज है, सच्चे   वीर  सपूत।।
रक्षित  मेरा  देश  है, बलबूते   जाँबाज।
लोकतंत्र सिरमौर है, बने विश्व सरताज।।
विविध मिले हो एकता, इन्द्रधनुष सतरंग।
ऐसे  अनुपम  देश  में, रखते  मान  त्रिरंग।।
जय जवान की वीरता,धीरज वीर किसान।
सदा सपूती भारती, आज  विश्व  पहचान।।
संविधान है आतमा, संसद  हाथ  हजार।
मात भारती चरण जो,सागर रहा पखार।।
मेरे  प्यारे  देश  के, रक्षक  धन्य  सपूत।
करे चौकसी रात दिन,मात भारती पूत।।
रीत प्रीत सम्मान की, बलिदानी सौगात।
निपजे सदा सपूत ही,मात भारती गात।।
वेदों में विज्ञान है, कण कण में भगवान।
सैनिक और किसान से,मेरा देश महान।।
आजादी गणतंत्र की, बनी  रहे  सिरमौर।
लोकतंत्र फूले फले,हो विकास चहुँ ओर।।
मेरे  अपने  देश  हित, रहना  मेरा  मान।
जीवन अर्पण देश को,यही सपूती आन।।
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✍✍©
बाबू लाल शर्मा “बौहरा”
सिकंदरा, दौसा,राजस्थान
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