मैंने हिंदुस्तान देखा

मैंने जन्नत नहीं देखा यारों मैंने हिंदुस्तान देखा है
भाईचारे से रहते हर हिंदू और मुसलमान देखा है
गीता-क़ुरान रहते साथ और पवित्र गंगा कहते हैं
हरे-भगवे की छोड़ बैर सब जय जय तिरंगा कहते हैं
लहराओ तिरंगा और सब जय जयकार करो
दुश्मन से ना लड़ो बुराइयों पर ही वार करो
सलाम ऐसे सैनिक जो स्वार्थ नंगा कहते हैं
घर वालों की फ़िकर छोड़ जय जय तिरंगा कहते हैं
तीन रंग के झण्डे में अद्भुत सामर्थ्यता छाई है
ना जाने कितनों ने इसकी ख़ातिर जान गवाई है
इंक़लाबियों को याद कर सुनाओ उनकी कहानी
गर्व से भरो सर्वदा भले ही आँख में ना आए पानी
आज़ादी के ख़ातिर तुम भी हो जाओ मतवाले
लड़ो अपने आप से बन जाओ हिम्मत वाले
आज़ादी के दीवानों को कल हमने ये कहते देखा
जय जय हिंदुस्तान के नारों को एक साथ रहते देखा
-दीपक राज़❤
(Visited 3 times, 1 visits today)