मैं और नहीं (mai aur nahi)-अशोक बाबू माहौर

 मैं और नहीं


    अब आप ही बताएँ
    पथ दिखाएँ
    मैं कौन हूँ?
    पशु या मानव हूँ
    या रेंगता कीट हूँ!
    बड़ी मुश्किल से जीना सीखा है
    रहना समाज में,
    संस्कृति सभ्यता का पाठ सीखा है
    अपने आप में
    जरा पहचानो
    मैं कौन हूँ?
    गर नहीं जानते
    बताता हूँ
    मैं और नहीं
    माँ का वही बेटा हूँ
    जिसे धक्के दे
    बाहर किया
    भूखे पर प्रहार किया
    घोर संताप दिया
    पर मैंने ज्ञान दीप जलाकर
    खुद को मुक्त कर लिया
    सुसभ्य कर लिया
    और संघर्षशील बना लिया
    खुद को
    ताकि आप पहचान न सको
    मैं कौन हूँ?
    क्या हूँ?

अशोक बाबू माहौर
संपर्क :ग्राम कदमन का पुरा,
तहसील अम्बाह,
जिला मुरैना (मप्र) 476111
मो 8802706980

इस पोस्ट को like और share करें (function(d,e,s){if(d.getElementById(“likebtn_wjs”))return;a=d.createElement(e);m=d.getElementsByTagName(e)[0];a.async=1;a.id=”likebtn_wjs”;a.src=s;m.parentNode.insertBefore(a, m)})(document,”script”,”//w.likebtn.com/js/w/widget.js”);
(Visited 1 times, 1 visits today)