KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

यह जान के ईश्वर ने ,बना दिया परिवार(yah janke ishwar ne bana diya pariwar)

#poetryinhindi,#hindikavita, #hindipoem, #kavitabahar #manibhainavratna
जीना नहीं आसान, इस दुनिया में निराधार। 
यह जान के ईश्वर ने ,बना दिया परिवार ।।
गम आधे हो जाएं ,खुशियां बढ़ते रहे अपार ।
यह जान के ईश्वर ने ,बना दिया परिवार ।।
दुनिया में जब आता है मानव ।
होता है केवल नन्हीं सी जान ।
मां बाप का साथ मिलता उसे
और परिवार के संग पहचान ।
सीखता है भाषाबोली और सीखें संस्कार ।
यह जान के ईश्वर ने बना दिया परिवार । ।
परिवार में मिलता है अपनापन ।
वरना बिन इसके खाली जीवन ।
माता-पिता प्रभु तो,भाई-बहन साथी।
पत्नी तो ,होती जैसे दीये संग बाती।
परिवार संग बँटे, आपस में प्यार ही प्यार।
यह जान के ईश्वर ने , बना दिया परिवार।।
परिवार देती है हमें सुरक्षा ।
परिवार से जुड़ा रहूं ये इच्छा ।
प्यार, पैसा और मिला संसार ।
पर परिवार बिन सब है बेकार।
परिवार साथ रहे तो , हर वक्त हो त्यौहार।
यह जान के ईश्वर ने बना दिया परिवार । ।
(रचयिता :- मनी भाई भौंरादादर, बसना महासमुंद  )