ये देश तुझे ,मांग रहा बलिदान (ye desh tujhe maang raha balidaan)

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ये देश तुझे ,मांग रहा बलिदान ।
चीत्कार सुनके जाग जा इंसान ।
भेद भाव बढ़ रहे जन जन में ।
बँट गए हैं बन अमीर फकीर ।
मां ना चाहेगी, बच्चों में ये ,
जानो रे तुम ,मां की पीर ।
भ्रष्टाचार का है बोल बाला
और मजे लूट रहे बेईमान।।
ये देश तुझे ,मांग रहा बलिदान ।
चीत्कार सुनके जाग जा इंसान ।
समझते हैं जो खुद को  सेवक
असलियत में है स्वार्थ की खान ।
अब स्वार्थ छोड़ परमार्थ पर प्यारे
लगा जरा ध्यान ।
एकजुट होकर फिर से पा ले 
भारत मां का सम्मान।
पाई नहीं हमने पूरी आजादी ,
क्या पालन होता अपना संविधान।
दिन भर नेताओं की सांत्वना बस 
क्या बदलेंगे ये अपनी जुबान ।
छुपी रहती विरोध व क्रांति में 
प्रगति खुशहाली और अमन ।
छोड़कर अपनी भेड़चाल तू 
ढूंढ ले सच्चाई का दामन।
दगाबाजों की सभा में ,
सच को करें मतदान ।
तभी बन सकता है 
हमारा भारत महान।।

 मनीभाई ‘नवरत्न’,छत्तीसगढ़,
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मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़