ये प्लास्टिक अमर है(ye plastic amar hai)

#poetryinhindi,#hindikavita, #hindipoem, #kavitabahar #manibhainavratna 
#plastic based poem
a
ये प्लास्टिक अमर है
धरा के लिये जहर है।
बन रहा है अब खतरा
प्रकृति पर ये कहर है।

करता है जल प्रदुषित
जल रसायन उत्सर्जित
होता है बड़ा जहरीला
अब उत्पादन हो वर्जित

जब पेट्रोलियम खपता है 
तब जाकर यह बनता है।
कभी नहीं यह सड़ता है
भूमि को बंजर करता है ।

शाम, रात अब हर सुबह
घिरा हुआ यह  हर जगह 
ब्रश से लेकर बॉटल तक
सबमें प्रयोग होता है यह

सच जानो ये गुलामी है
स्वास्थ्य के लिये खामी है
आनेवाली पीढियाँ हेतु
हम सबकी बदनामी है ।

कचरा करें क्यों मजबूरी?
ये पुनर्चक्रण हुआ जरूरी
सफाई से अब नाता जोड़ें
आगे बढ़ अब मिटाके दूरी।
✍मनीभाई”नवरत्न”

       छत्तीसगढ़
(Visited 6 times, 1 visits today)

मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़