रोशनी बन जगमगाओ-रूपेश कुमार(Roshani ban jagmagao)

~~~~~ रोशनी बन जगमगाओ ~~~~~

प्यार का दीपक ज़लाओ इस अंधेरे मे ,
रुप का जलवा दिखाओ इस अंधेरे मे ,
दिलो का मिलना दिवाली का ये पैगाम ,
दुरिया दिल का मीटाओ इस अंधेरे मे !
अजननी है भटक न ज़ाए कही मंजिल ,
रास्ता उसको सुझाओ इस अंधेरे मे ,
ज़िन्दगी का सफर है मुश्किल इसलिए ,
कोई हमसफर हमदम बनाओ इस अंधेरे मे !
हाथ को न हाथ सुझे आज का ये दौर ,
रोशनी बन जगमगाओ इस अंधेरे मे ,
अंध विश्वासो के इस मन्दिर मजारो मे ,
सत्य की शमा ज़लाओ इस अंधेरे मे !
रोशनी बन जगमगाओ इस अंधेरे मे !

~ रूपेश कुमार ©
विज्ञान छात्र एव युवा साहित्यकार

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