लक्ष्मण रेखा

*लक्ष्मण रेखा*
जब भी देखता हूं
उसका चेहरा
उन्माद छा जाता मुझमें
उसमें जो बात है
वो उसकी छायाचित्र में भी
रंच कम नहीं।
उंगलियों से यात्रा करता
उसे पाने को तस्वीर में,
मंजिल तलाशता।
इस राह में पर्वतश्रृंखला है
तो गहरी खाईयां भी।
जिसमें बार-बार चढ़ता
बार-बार गिरता
बिखरता
खुद को बटोरता
उसकी मुस्कान की
टेढ़ी नाव लेकर
नैनों की झील पार करता।
माथे के सितारे से
अंधेरी गलियों से निकलता।
परन्तु उफ़!
ये रक्त-सी लक्ष्मण-रेखा माँग ।
मेरी मनोवृत्ति को
झकझोर दिया।
फिर मैंने गौर किया-
ये वासना थी
जो सदैव बहकाती
रति के वेश में
प्रेम तो बिल्कुल नहीं।
✒️ मनीभाई’नवरत्न’ छत्तीसगढ़
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मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़