लब

?लब?

लब  पे नाम  तेरा
सुमिरूँ मैं सुबह शाम

मोहन  मेरे  श्याम ।

आँखों  में तुम बसे हो
साँसों की माला  में
ओ मोहन  बस
तेरा ही  नाम ।

तुम जगत  नियंता
भक्तों को प्यारे ।
हे गोविन्द  मेरे
यसुदा के  हो दुलारे ।

मैने  रचाई मेंहदी
मोहना  तेरे  नाम ।

लबों पे है तेरा  नाम ।

केवरा यदु “मीरा “

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