वक्त की बात वक्त पर हो जाए(waqt ki baat waqt par ho jaye)

वक्त की बात वक्त पर हो जाए
कौन जाने यह वक़्त फिर आए न आए
वक्त की नजाकत समझ लेना है जरूरी
वक्त बड़ा बेरहम है न जाने अपने पराए
समय है बड़ा कीमती मोल कौन चुकाए
अगर हुई चूक तो भरपाई भी हो न पाए
दफ्तर देर पहुंचे तो अफसर आंखें दिखाए
घर न आ सके तो श्रीमती जी मुंह फुलाए
वक्त कभी ठहरता नहीं बस चलता ही जाए
वक्त के साथ जो चले वही सफलता पाए
वक्त पर काम हो तो वाकई मज़ा आ जाए
नियत समय पर ही वेतन भी जमा हो जाए
दवा समय पर लो तो रोग भी दूर हो जाए
वक्त बेशकीमती है सबको राहत पहुंचाए
वक्त की आवाज़ सुनो कहीं देर न हो जाए
वक्त की इज्ज़त करो कि यही हमें बचाए
पद्म मुख पंडा
महा पल्ली
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