KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

शर्म करें गरीबों की गरीबी पर(sharm kare garibo ki garibi par)

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

#poetryinhindi,#hindikavita, #hindipoem, #kavitabahar #manibhainavratna 
बहुत गर्व है 
अपने भारत पर 
पर आओ,
थोड़ा बहुत शर्म करें 
गरीबों की गरीबी पर ।
हल नहीं है ,
सिक्का थमा देना 
उन हाथों को,
जिन्हें चाहिए रोटी ,
जिनकी किस्मत है खोटी।
तो कैसे मिलेगा इंसाफ?
फुटपाथ में या गटर में 
या फिर इंसानों के हेय नजर में ।
चुंकि फुर्सत तो नहीं
सभ्य समाज को
शिक्षा स्वास्थ्य के घोटाले में
अपनी तिजोरी भरना।
सात पुरखों की चिंता में
कर लिया है चारधाम।
पर हाय रे भाग्य
शुकुन ना मिला
जो मिलता है सहज 
दीन के कुटिया में।

 मनीभाई ‘नवरत्न’, छत्तीसगढ़