सच कहना-पद्ममुख पंडा स्वार्थी(sach kahna)

तांका की महक
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सच कहना
अपराध नहीं है
फिर भी लोग
कहते डरते हैं
यूं रोज मरते हैं
सच कहना
बहुत जरूरी है
देश हित में
अपना स्वार्थ त्याग
त्याग विद्वेष राग
सच कहना
सबका कर्त्तव्य है
संसार टिका
सच्चाई के कारण
दुखों का निवारण
सच कहना
लाभदायक होता 
समाज हेतु
विसंगतियां खत्म
जागता वही सोता
सच कहना
बहादुरों का काम
झूठ बोलने
असत्य का साथ दे
हो जाते बदनाम
पद्म मुख पंडा स्वार्थी
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