स्वागत नव वर्ष

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स्वागत नव वर्ष , नूतन रहे हर्ष
स्वागत तुम्हारा , सहर्ष नव वर्ष
नूतन वर्ष का फैला रहे उजास ,
नव वर्ष में हो अब , नया उत्कर्ष ।
दे दो तुम ऐसा अब , सुधा अमृत
पुराना सभी हो जाए , विस्मृत
नसीब बदल जाए , सबका अब तो ,
काम होने लगें सभी के , उत्तम ।
नयी सोच विचार , नया हो अंदाज़
कर दें पुराने को , नजरअंदाज
ईर्ष्या , छल – कपट , निकालें मन से ,
रह न पाये अब , कोई धोखेबाज़ ।
भर लो नव चेतना , हर्षोल्लास
नज़दीकियाँ सभी को , आएँ रास
मुस्काते चेहरे खिलें , फूल सम ,
खुशियाँ लाएँ , पूरी हो हर आस ।
सुख – समृद्धि हो , कायम शांति हो
सुख सपनों में , नयी क्रांति हो
मानवता का दीप , जले हर ओर ,
नव वर्ष में , कोई भी न भ्रांति हो ।
हरित हरियाली लिए , हो संसार
छाये जीवन में , चहुँ ओर बहार
नूतन वर्ष का करने , अभिनंदन ,
शुभकामना देते , हम बार – बार ।
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(C) रवि रश्मि ‘ अनुभूति ‘
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